चैट की सच्चाई साबित नहीं होने और लड़की के बार-बार बयान बदलने पर बचाव पक्ष ने उठाए सवाल
नई दिल्ली। दिल्ली की तीस हजारी अदालत ने छेड़छाड़ के मामले में आरोपी को बरी कर दिया। आरोपी की ओर से अधिवक्ता भूषण अरोड़ा ने अदालत में दलील दी कि आरोपी के खिलाफ पेश किए गए चैट स्क्रीनशॉट से यह साबित नहीं होता कि बातचीत पीड़िता के साथ ही हुई थी।
बचाव पक्ष ने कहा कि इन चैट स्क्रीनशॉट को सत्यापन के लिए इंस्टाग्राम के पास नहीं भेजा गया था। ऐसे में यह पुष्टि नहीं हो सकी कि आरोपी जिस व्यक्ति से बातचीत कर रहा था, वह पीड़िता ही थी।
इसके अलावा, बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि पीड़िता ने मामले के दौरान कई बार अपने बयान बदले, जिससे उसके बयानों पर सवाल खड़े हुए। अधिवक्ता ने दलील दी कि किसी भी आपराधिक मामले में आरोपी के खिलाफ आरोपों को ठोस सबूतों के आधार पर साबित करना जरूरी है।
मामले में पेश किए गए सबूतों और दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया।