चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )
भगवान श्री रुद्रनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने के बाद वापसी मार्ग पर चमोली पुलिस और एसडीआरएफ के जवानों ने सेवा और संवेदनशीलता की एक और मिसाल पेश की। ल्वीटी बुग्याल में जवानों ने अन्य लोगों के साथ मिलकर सफाई अभियान चलाया और बुग्याल क्षेत्र में फैले कचरे को एकत्रित कर स्वच्छता का संदेश दिया।
हिमालय की ऊंची चोटियों के बीच बसे बुग्याल उत्तराखण्ड की प्राकृतिक धरोहर हैं। यहां की सुंदरता को बनाए रखना और पर्यावरण को प्रदूषण से बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से जवानों ने वापसी के दौरान भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए स्वच्छता अभियान में भाग लिया। यह पहल बताती है कि पुलिस की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी इसका अहम हिस्सा है।
चमोली पुलिस एवं एसडीआरएफ ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की कि धार्मिक यात्रा के दौरान प्रकृति की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। प्लास्टिक, खाद्य पदार्थों के रैपर और अन्य कचरा बुग्यालों व पैदल मार्गों पर न छोड़ें। अपने साथ लाए सामान से उत्पन्न कचरे को वापस लाकर निर्धारित स्थान पर ही निस्तारित करें, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी हिमालय की इस अनुपम सुंदरता का आनंद ले सकें।